भाई बहन की संभोग कहानी

ये स्टोरी 3 महीने पहले की है जब दीदी शादी के बाद पहली बार हमारे घर आई थी, दीदी को आए अभी 3 दिन ही हुए थे कि अचानक मेरे नाना की डेथ हो गयी और मम्मी पापा को नाना के यहाँ जाना पड़ा, माँ पापा के जा`ने के बाद मैं नहाने के लिए बाथरूम मे गयी और जब मैं नहा कर बाथरूम से अपने रूम मे जा रही थी.

भाई बहन की संभोग कहानी
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भाई बहन की संभोग कहानी

तो मुझे दीदी के रूम से अजीब सी आवाज़ें सुनाई दी और मैं ये देखने के लिए दबे पावं दीदी के पास गयी और दीदी के रूम के अंदर का सीन देख कर मेरे पावं के नीचे से ज़मीन खिसक गयी क्योंकि रूम मे दीदी पूरी नंगी रोहन भैया की गोद मे बैठी थी और रोहन भैया दीदी के बूब्स को मसल रहे थे और दीदी से पूछ रहे थे कि तेरा पति तुझे कैसे चोदता है.


दीदी ने कहा भैया उसका लंड तो बहुत छोटा है और मेरी चूत मे कहाँ चला गया पता ही नही चलता क्योंकि आपके लंड ने मेरी चूत का सुराख इतना खोल दिया है कि तेरे जीजा का लंड कब अंदर गया और कब बाहर आया पता ही नही चलता,ये बोल कर दीदी भैया की गोद से उठी और मैं भैया का मस्त लंड देख कर दंग रह गयी.


क्योंकि भैया का लंड लगभग 10 इंच लंबा और 4 इंच मोटा था फिर दीदी ने भैया का लंड पकड़ कर अपने मूह मे ले लिया और चूसने लगी, दीदी भैया का लंड चूस रही थी और रोहन भैया दीदी के मूह को चोदने लगे, तभी दीदी ने लंड मूह से निकाला और हान्फते हुए बोली मैं कहीं भागी थोड़े ही जा रही हूँ तू आराम से चोद और फिर भैया ने कहा दीदी मैं तुझे चोद्ने के लिए कितने दिनो से तड़प रहा हूँ और तू साली आराम से चोद्ने को बोल रही है.


तो दीदी ने कहा भैया मैं तेरे लंड के लिए चूत का पक्का इंतज़ाम कर देती हूँ, ये सुन कर भैया ने कहा दीदी तुम किसकी बात कर रही हो तो दीदी ने कहा मैं प्रीति को तुमसे चुदवाने के बारे मे कह रही हूँ, ये सुन कर मैं हैरान हो गयी और भैया ने दीदी को चूमते हुए कहा वाह दीदी तुम तो पूरी रंडी निकली.


इस पर दीदी ने कहा मैं तो पूरे गर्व से कह सकती हूँ कि मै अपने सगे भाई की रखैल हूँ और अब मैं अपनी छोटी बहन को भी अपने भाई की रखैल बनाने जा रही हूँ.


ये सुन कर भैया ने दीदी को कहा कि अब तुम जल्दी से घोड़ी बन जाओ तो दीदी ने कहा भैया आज तुम अपनी बहन का दूध नही पीओगे ये कह कर दीदी ने अपना एक बूब भैया के मूह मे डाल दिया और भैया छोटे बच्चे की तरह दीदी का दूध पीने लगे.


फिर थोड़ी देर बाद दीदी ने कहा अब तुम बच्चे से कुत्ते बन जाओ और भैया ने दीदी का बूब छोड़ कर अपनी जीब दीदी की चूत मे घुसा दी भैया दीदी की चूत को ऐसे चाट रहे थे जैसे कोई आइस क्रीम चाट रहा हो.


5 मिनिट चूत चाटने के बाद दीदी की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया और भैया दीदी की चूत का सारा पानी पी गये.


फिर भैया ने अपना लंड दीदी की चूत के सुराख पर रख कर एक ज़ोर से धक्का मारा और अपना पूरा लंड दीदी की चूत मे घुस्सा दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाते हुए दीदी को चोदने लगे और दीदी भी नीचे से अपनी गान्ड उठा कर चुद्ने लगी और चुदते हुए बोलने लगी.


आआआआअ.. भैया ज़ोर से चोदो आआआआ.. भैया आपके लंड की चोट मेरी बच्चेदानी पर पड़ रही है आआआआअ.. भैया आज चोद कर मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो तेरे जीजा तो मुझे माँ नही बना सकते आआआआ…


मेरे भैया की अमानत


भैया ज़ोर से òऊऊऊऊ और ज़ोर से चोदो आआआआ.. भैया ज़ोर से चोदो आआआआ.. भैया ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाते हुए दीदी को चोद्ने लगे, फिर थोड़ी देर बाद भैया ने कहा ले मेरी रंडी ले अब अपने भाई का वीर्य अपनी चूत मे लेकर अब तू मेरे बच्चे की माँ बन जा और अपने लंड से वीर्य की पिचकारी दीदी की चूत मे छोड़ दी और दीदी के उपर ही पड़े रहे.


फिर भैया ने दीदी की चूत से खींच कर अपना लंड बाहर निकाल लिया और लंड फच की आवाज़ के साथ दीदी की चूत से निकल आया, फिर दीदी ने भैया का लंड और भैया ने दीदी की चूत को चाट कर साफ किया और अपने कपड़े पहनने लगे.


और मैं भी वहाँ से हट गयी और अपने रूम मे आ गयी और सोचने लगी कि जब दीदी मुझसे भैया से चुद्ने के बारे मे पुछेगि तो मैं क्या जवाब दूं,मैं तो सोचती थी कि अपनी चूत का उद्घाटन मैं अपने पति से करवाउंगी और यहाँ तो मेरा अपना सगा भाई ही मुझे चोदने को तैयार है. आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


काफ़ी देर सोचने के बाद मैने फ़ैसला किया कि मेरे पति का लंड जाने कैसा होगा क्यू ना भैया के मोटे और लंबे लंड से अपनी चूत की सील तुड़वा लूँ और ये सोच कर मैं खुद ही दीदी के पास जाने लगी कि तभी दीदी मेरे पास आई और मुझसे बोली प्रीति मैने तुमसे एक बात करनी है अगर तुम बुरा नही मनोगी तो मैं बोलूं मैने कहा दीदी बोलो क्या बात है तो दीदी ने कहा मैं ज़्यादा घुमा फिरा कर बात नही करती.


और मुझसे बोली प्रीति क्या तेरा कोई बॉय फ्रेंड है तो मैने जान भुझ कर शरमाते हुए बोली दीदी ये आप क्या कह रही हैं मैं क्या आपको ऐसे लड़की लगती हूँ इस पर दीदी ने कहा तो फिर तुम अपने जिस्म की आग को कैसे ठंडा करती हो ये सुन कर मैं कुछ नही बोली और अपनी नज़रें नीची कर ली.


दीदी ने फिर कहा प्रीति बताओ ना मैं जो तुमसे पूछ रही हूँ, मैने फिर धीर्रे से कहा दीदी क्या तुम भी, फिर दीदी ने कहा अच्छा ये बता अगर मैं तेरी चुदाई का इंतज़ाम घर मे ही कर दूं तो.


मैं ये बात सुन कर मन ही मन बहुत खुश हुई पर मैं चौकते हुए इधर उधर देखने लगी तभी तनूजा दीदी ने कहा क्यूँ नाटक कर रही हो मुझे पता है तेरा मन भी चुदने को कर रहा है पर तू शरम से बोल नही रही.


मैं शरमाते हुए धीरे से बोली दीदी मन तो मेरा भी बहुत करता है कि मुझे भी कोई मर्द अपनी बाहों मे लेकर खूब प्यार करे और मुझे ज़ोर से चोदे पर मैं तो सिर्फ़ अपने पति को ही अपना जिस्म सोपूंगी और मेरा पति ही मेरे साथ सुहाग रात मनाएगा.


ये सुन कर दीदी ने कहा प्रीति पागल मत हो क्या पता तेरा पति तुझे अच्छे से चोद ही ना पाए और तू चुद्ने के लिए तड़पति रहे, मैने कहा दीदी तुम मुझे किस से चुदवाना चाहती हो तो दीदी ने कहा पहले तू मुझसे वादा कर कि तू मेरी बात मानेगी मैने कहा दीदी मैं तुम्हारी हर बात मानूँगी प्लीज़ मुझे बताओ कि तुम मुझे किस से चुदवाना चाहती हो तो दीदी ने कहा अगर तुम किसी को कुछ नही बोलोगि तो मैं रोहन भैया के बारे मे सोच रही हूँ.


ये सुन कर मैने दीदी को कहा दीदी तुम ये कैसी बात कर रही हो रोहन हमारा भाई है और तुम छिह, फिर दीदी ने कहा अगर तुम तैयार हो तो रोहन भाईया की बात मुझ पर छोड़ दे. आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |


फिर मैने पुछा दीदी तुझे क्या लगता है क्या रोहन भाईया मान जाएँगे, तो दीदी ने कहा भैया को मैं खुद मना लूँगी, फिर मैने कहा दीदी मुझे तो डर लग रहा है ,दीदी ने कहा कैसा डर तो मैने कहा दीदी पता नही भैया का लंड कैसा होगा और मैं पहली बार चुदुन्गि और मैने सुना है कि पहली बार चुद्ने मे बहुत दर्द होता है.


फिर दीदी ने कहा हाँ ये ठीक है कि जब चूत की सील टूटती है तो दर्द होता है पर मज़ा भी बहुत आता है और ये कह कर दीदी ने अपनी नाइटी उतार दी और अपनी टाँगो को फैला कर मुझे अपनी चूत दिखाने लगी और बोली प्रीति देख तेरी चूत भी चुद्ने के बाद ऐसी हो जाएगी,मैं दीदी की चूत देख कर बोली दीदी तेरी चूत तो काफ़ी खुल्ली हुई है और मेरी चूत तो एकदम बंद है क्या जीजा जी ने चोद कर तेरी चूत इतनी खोल दी है.


तो दीदी ने कहा अरे तेरे जीजा मे इतना दम कहाँ जो मुझे ढंग से चोद भी सके ये तो रोहन भैया के गधे जैसे लंड का कमाल है जब भैया का गधे जैसा मस्त लंड मेरी चूत मे जाता है तो मत पुछो कितना मज़ा आता है, मैं दीदी को देखते हुए हँसने लगी तो दीदी ने मुझसे हँसने के बारे मे पुछा.


तो मैने कहा दीदी मैं आज सुबह तुम दोनो की चुदाई देख चुकी हूँ और मैं तो कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ कि तुम कब आ कर मुझे भैया से चुदने के लिए कहो और भैया कब मुझे चोदे,ये सुन कर दीदी ने भैया को आवाज़ दी रोहन भैया आ जाओ प्रीति मान गयी है. तभी रोहन भाईया नंगे ही हमारे पास आ गये और दीदी के बूब्स को पकड़ कर मेरी तरफ देखने लगे और मैं वहाँ से भाग कर दूसरे रूम मे चली गयी तो भैया ने दीदी को इशारे मे पुछा इसे क्या हुआ और दीदी मेरे पास आई और पुछ्ने लगी प्रीति क्या हुआ तो मैने कहा दीदी मैं अभी नही चुदुन्गि मै तो आज रात को अपने पति के साथ अपनी सुहाग रात मनाउन्गि.


ये सुन कर दीदी ने कहा प्रीति ये तुम क्या कह रही है तो मैने कहा दीदी मैं चाहती हूँ कि आज रात को भैया मुझे अपनी पत्नी मान कर मेरे साथ सुहाग रात मनाएँ और तब तक मैं अपनी चूत के बाल भी सॉफ कर लूँगी.


———-क्रमशः———


मैं अपनी पहली रात को लेके एक्साइट थी और होऊं भी क्यूँ न? सुहाग रात मेरे प्यारे भैया  के साथ  थी और उनके  लंड की छवि तो अभी बसी थी मेरे मन में.. थोडा डर भी था. इस true sex story का  अंत अगले भाग में..

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